Sunday, March 8, 2015

RT @KrAnubhavJha: अनगिनत किरदारों को ओढ़,हमें चलते रहना है,काल से संवाद करते हुएअथक,अविराम, अनवरत.क्योंकि हम सृजक हैं,हम पोषक हैं, हम स्त्री हैं !



RT @KrAnubhavJha: अनगिनत किरदारों को ओढ़,हमें चलते रहना है,काल से संवाद करते हुएअथक,अविराम, अनवरत.क्योंकि हम सृजक हैं,हम पोषक हैं, हम स्त्री हैं ! (via Twitter http://ift.tt/1wQEUb9)