RT @KrAnubhavJha: कितने मीठे थे वो शब्द जो कहे नहीं गये शायद कहने से मिठास जाती रहती हमारे बीच अनकहे को यूँ ही रहने देना कितना कर्णप्रिय था (२/३)
RT @KrAnubhavJha: कितने मीठे थे वो शब्द जो कहे नहीं गये शायद कहने से मिठास जाती रहती हमारे बीच अनकहे को यूँ ही रहने देना कितना कर्णप्रिय था (२/३) (via Twitter http://ift.tt/1EogAjh)