Saturday, January 24, 2015

RT @KrAnubhavJha: रात खाविंद की ख़ुशी के लिए मैंने अपनी लाश को उठा उसके साथ लेटाया और खुद बाहर खामोश खड़े पेड़ो के गले लग रोती रही ..रोती रही ~शशी समुन्दरा



RT @KrAnubhavJha: रात खाविंद की ख़ुशी के लिए मैंने अपनी लाश को उठा उसके साथ लेटाया और खुद बाहर खामोश खड़े पेड़ो के गले लग रोती रही ..रोती रही ~शशी समुन्दरा (via Twitter http://ift.tt/1z45VbM)