Monday, January 19, 2015

RT @KrAnubhavJha: आस की बात हो कि साँस … ये ख़िलौने हैं टूट जाने को …



RT @KrAnubhavJha: आस की बात हो कि साँस … ये ख़िलौने हैं टूट जाने को … (via Twitter http://ift.tt/1yhiluB)