Monday, December 22, 2014

RT @KrAnubhavJha: जब पीड़ायें तेरी बेरुखी की नमी से गुजर रहीं हों आंसुओं की बूंदों से तेरे अहसास की खुश्बू आती है



RT @KrAnubhavJha: जब पीड़ायें तेरी बेरुखी की नमी से गुजर रहीं हों आंसुओं की बूंदों से तेरे अहसास की खुश्बू आती है (via Twitter http://ift.tt/1Hp7VcY)