RT @KrAnubhavJha: हम अपने दिल के बोझ को शब्दों के सहारे छोड़ आते हैं, जिसे तुमने टूटा समझ लिया था उसे शब्दों में उतार लोगों से जोड़ आते हैं।
RT @KrAnubhavJha: हम अपने दिल के बोझ को शब्दों के सहारे छोड़ आते हैं, जिसे तुमने टूटा समझ लिया था उसे शब्दों में उतार लोगों से जोड़ आते हैं। (via Twitter http://ift.tt/1ztOr7U)