Wednesday, December 24, 2014

RT @KrAnubhavJha: रंग रीते हैं तेरे बगैर फिर भी जीते हैं तेरे बगैर



RT @KrAnubhavJha: रंग रीते हैं तेरे बगैर फिर भी जीते हैं तेरे बगैर (via Twitter http://ift.tt/1tc2yx5)