Saturday, December 13, 2014

RT @KrAnubhavJha: उस रात बाहों की एक संदली गिरह में दो सांसे कुछ यूँ उलझी थी के बस एक ही सांस सुनाई दी थी



RT @KrAnubhavJha: उस रात बाहों की एक संदली गिरह में दो सांसे कुछ यूँ उलझी थी के बस एक ही सांस सुनाई दी थी (via Twitter http://ift.tt/1wqVM4e)